सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा, उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की उठी मांग

नई दिल्ली। मुंबई की सड़कों पर एक बार फिर वो ही नजारा देखने को मिला जो अभी कुछ दिन पहले दिल्ली सड़कों पर था। हजारों की संख्या में मजदूर वर्ग घर जाने के  लिए सड़कों पर उतर आए। कल मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर मंगलवार को हजारों प्रवासी मजदूर पहुंच गए, वे अपने घर वापस जाने की मांग कर रहे थे, उन्हें उम्मीद थी कि लॉकडाउन के बाद रेलगाड़ियों के संचालन शुरू हो जाएगा। पुलिस ने पहले लोगों को समझाकर वापस भेजना चाहा, इसके बाद भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। बांद्रा की घटना को लेकर लोग उद्धव सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। भारत में अभी सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में ही हैं। ऐसे में जिस तरह की घटना कल हुई वो और भयानक परिणाम ला सकता है। जिस तरह कल सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियों उड़ी उसको लेकर  लोगों का गुस्सा ट्वीटर पर भी देखने को मिल रहा है। लोग ट्वीटर पर उद्धव ठाकरे से इस्तीफे की मांग रहे हैं। ट्वीटर पर #UddhavResign ट्रेंड कर रहा है।

उद्धव ठाकरे की इस्तीफे की मांग करते हुए एक ट्वीटर यूजर ने लिखा, महाराष्ट्र सरकार बुरी तरह फेल। अब समय आ गया है उद्धव ठाकरे इस्तीफा दें।

 

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है, महाराष्ट्र सुरक्षित हाथों में नहीं है। मीडिया से भी इस मामले में कोई सवाल नहीं कर रहा है।

वहीं एक पदमजा नाम की यूजर ने उद्धव ठाकरे की इस्तीफे की मांग करते हुए लिखा,  महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं,मरीजों के ठीक होने के मामले भी राष्ट्रीय औसत से कम है।

इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बताया कि, आज बांद्रा में जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था. ऐसा शायद इसलिए हुआ, क्योंकि उन्होंने (मजदूरों) सोचा था कि ट्रेनें 14 अप्रैल से शुरू होंगी और वे अपने गांव वापस जा सकेंगे।

वहीं इस घटना पर आदित्य ठाकरे ने कहा था कि,’बांद्रा स्टेशन की मौजूदा स्थिति या यहां तक कि सूरत में दंगा भी हो रहा है, यह केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए घर वापस जाने की व्यवस्था न कर पाने का एक परिणाम है। वे भोजन या आश्रय नहीं चाहते, वे घर वापस जाना चाहते हैं।

वहीं इस मामले पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कई ट्वीट किए थे।, उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, बांद्रा में जो हुआ दुखद है। हमने राज्य सरकार से पहले ही प्रवासी मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था करने की अपील की थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया यह शर्मनाक है। राज्य के कुछ मंत्री अपनी जिम्मेदारी केंद्र पर डालने की कोशिश कर रहे हैं और मामले पर राजनीति कर रहे हैं यह ठीक नहीं है।

बांद्रा में जो हुआ दुखद है। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी केंद्र पर डालने की कोशिश कर रहे ही और मामले पर राजनीति कर रहे हैी यह ठीक नहीं है। यह कोरोना के खिलाफ एक जंग है कोई राजनीतिक जंग नहीं है।

कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान दिल्ली सरकार के बाद महाराष्ट्र सरकार का भी फेलियर देश के सामने आया था। ऐसे ही मंगलवार को मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए सैकड़ों की संख्या में लोग आ गए।


बीबीसी हिंदी की खबर के अनुसार ये लोग सभी प्रवासी मजदूर हैं। ये सभी लोग अपने गृह राज्य जाना चाह रहे थे इसी कारण से ये लोग लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए सीधे बांद्रा स्टेशन पर पहुंच गए।आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा की थी।
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों के आकड़ो बात करें तो यह 2 हजार पार कर चुका है। covid19india.org के मुताबिक इस समय महाराष्ट्र में कोरोना के कुल 2801 मामले हैं, जिनमें 178 मौत हो चुकी है।

 

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