स्वास्थ्यकर्मियों पर नहीं रुक रहे हमले, मुरादाबाद और बिहार में कोरोना जांच करने गई मेडिकल टीम पर हमला

नई दिल्ली। देश में डाॅक्टरों के ऊपर हो रहे हमले रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद का है। जहां इलाके के लोगों ने एंबुलेंस पर पथराव किया है। इस घटना में एंबुलेंस कर्मी के साथ डाॅक्टर और मेडिकल स्टाफ भी घायल है।

यह घटना  जिले के नागफनी थाने के हाजी नेब की मस्जिद इलाके में हुई है। बताया जा रहा है कि कोरोना पॉजिटिव शख्स सरताज की दो दिन पहले हुई मौत के बाद आज इलाके में मेडिकल टीम स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए पहुंची थी। इस दौरान उन पर हमला कर दिया गया। हमले की जानकारी मिलने के बाद फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बल प्रयोग करके हालात पर काबू पाया। इस दौरान एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।

वहीं मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि, इस घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। आरोपियो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ मेडिकल टीम के सदस्य चोटिल हुए हैं। यहां पर धारा-144, महामारी कानून और आपदा प्रबंधन कानून का उल्लंघन हुआ है। आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएस) के तहत कार्रवाई होगी।

इस घटना में बुरी तरह घायल डॅाक्टर सुधीर चंद्र का कहना है कि, हम 4 लोगों को क्वारंटाइन में लेने के लिए गए थे। हमने उन्हें एंबुलेंस में बैठाया ही था कि आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और मेरे साथ मारपीट की।

वहीं इस घटना पर एंबुलेंस ड्राइवर का कहना है कि कुछ लोगों ने मेडिकल टीम और पुलिस पर पथराव किया, जो संभावित रूप से संक्रमित को लेने के लिए गए थे. जब हमारी टीम मरीज के साथ एम्बुलेंस में सवार हुई, अचानक भीड़ आई और पथराव शुरू कर दिया, कुछ डॉक्टर अभी भी घायल हैं. हम घायल भी हैं।

वैसे देश में डॅाक्टरों पर हुआ यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले भी देश के अलग – अलग इलाकों में मेडिकल टीम या डॅाक्टरों को निशान बनाया गया है। प्रधानमंत्री,गृहमंत्री तमाम मुख्यमंत्रियों के अपील करने के बावजूद यह हमले होने बंद नहीं हो रहे हैं। इससे पहले हुए हमलों की बात करें तो,-

बिहार में भी टीम पर हमला
बिहार के औरंगाबाद जिले के एकौनी गांव  में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला किया गया है। इस हमले में डॉक्टर, ड्राइवर एवं एक अन्य कर्मी को चोट लग गई। ग्रामीणों ने गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। घटना कि सूचना पर दलबल के साथ गांव पहुंचे एसडीपीओ और एसडीएम पर भी ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। इस हमले में एसडीपीओ समेत पुलिस कर्मी भी घायल हो गए।  इससे पहले भी बिहार के मधुबनी, भागलपुर और कटिहार समेत राज्य के कई हिस्सों में डॉक्टरों या पुलिस टीम पर हमले की शिकायत हो चुकी है।

मेरठ में भी हुआ था हमला
इससे पहले मेरठ में मस्जिद के इमाम समेत 4 लोगों ने अधिकारियों की टीम पर हमला कर दिया था, इस इलाके में 3 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले थे। जिसके बाद प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई करने और मरीजों को लेने के लिए पहुंचे थे। तभी लोगों ने इसका विरोध किया और टीम पर पथराव कर दिया। पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट को भी चोट लगी थी।  

पंजाब में पुलिस टीम पर हमला
पंजाब में भी निहंगों ने कर्फ्यू पास मांगने पर पुलिस पर हमला बोल दिया था। जिसमें एएसआई हरजीत सिंह की कलाई कटकर अलग हो गई थी, जबकि अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गये थे।

तमिलनाडू में डॅाक्टर के ऊपर थूका  
तिरुचिरापल्ली के एक स्थानीय सरकारी अस्पताल में कोरोना से संक्रमित एक मरीज  ने इलाज कर रहे डाॅक्टर के ऊपर थूका था। जिसके बाद आरोपी के ऊपर पुलिस आईपीसी की धारा 307 यानी जान से मारने की कोशिश का केस दर्ज किया था। पुलिस ने बताया था, कोरोना वायरस से संक्रमित आरोपी को शनिवार को अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। जब डॉक्टर मरीज की जांच के लिए पहुंचे तो उसने अपना मास्क उतारकर डॉक्टर पर फेंक दिया। यह मरीज दूसरे मरीजों और स्टाफ के साथ भी अभद्र व्यवहार कर रहा था।

हिमाचल में मेडिकल स्टाफ थूकने की घटना
इससे पहले हिमाचल में भी डाॅक्टर के साथ इस तरह की घटना हुई थी, जब कोरोना संक्रमित शख्स ने मेडिकल स्टाफ पर थूका था। जिसके बाद हिमाचल पुलिस ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था, यदि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति अगर किसी दूसरे शख्स पर थूकेगा तो उस पर हत्या के प्रयास का मामला चलेगा।

गजियाबाद और दिल्ली में तबलीगियों का उत्पात
गाजियाबाद में भी चिकित्साकर्मियों ने आरोप लगाया था कि क्वारंटाइन में रखे गए तबलीगी जमात के कुछ सदस्यों ने उन पर थूका और उनके साथ बदसलूकी की। तबलीगियों ने यहां सारी हदे पार करते हुए नर्सों के सामने कपड़े तक खोल दिए थे।

इससे पहले, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में रेलवे के क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए, तबलीगी जमात के लोगों ने जांच कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया था और यहां तक कि उनपर थूका भी।

इंदौर में जांच करने गए डाॅक्टर पर पत्थरों से हमला
मध्य प्रदेश के इंदौर में टाटपट्टी बाखल इलाके में मेडिकल सर्वे करने गई 5 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर भीड़ ने डंडे-पत्थरों से हमला कर दिया था । इस हमले में दो महिला डॉक्टर घायल हुई थी।

हैदराबाद में स्वास्थकर्मियों पर हमला
हैदराबाद में बुधवार को कोरोना वायरस से एक 49 वर्षीय महिला की मौत के बाद नाराज परिजन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला कर दिया था।

गुजरात में पड़ोसियों ने किया अभद्र व्यवहार
गुजरात में भी पिछले दिनों पुलिस ने एक दपंत्ति को गिरफ्तार किया था,  सूरत सिविल अस्पताल में काम कर रही डॉक्टर को उसके पड़ोसियों द्वारा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया था।

एक ऐसे वक्त में जब डॅाक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना के खिलाफ इस जंग को लड़ रहे हैं, वहीं दुसरी और उनके साथ इस तरह के व्यवहार की खबरे आना निंदनीय है। डॅाक्टर और पुलिस में काम कर रहे तमाम लोग अपने परिवार से दूर, दिन – रात देश को इस मुसीबत से बचाने की कोशिश में लगे हैं। इस तरह की घटनाओं का होना हमारे लिए शर्मनाक है।

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