बिहार के पौराम गांव से लेकर, गोवा के सोनल गांव तक, ग्रामीण स्तर पर कोरोना से किस प्रकार लड़ी जा रही है लड़ाई ?

नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 14 हजार को पार कर चुकी है। कोरोना तेजी के साथ भारत के प्रत्येक राज्य में दाखिल हो रहा है। जिस तरह से कोरोना आगे बढ़ रहा है उससे लग रहा यह जल्द ही देश के गांव – गांव में पहुंच जाएगा। हालांकि अभी तक कोरोना भारत के ज्यादातर शहरी इलाकों में ही मौजूद है। लेकिन अगर यह गांव में भी पहुंच गया तो स्थिति भयावह हो सकती है। चूंकि गांव में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सीमित है, जानकारी का अभाव है ऐसे में कोरोना होने पर यहां खतरा बढ़ सकता है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार सब मिलकर कोरोना के बचाव के तमाम उपाय कर रही हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोगों की जागरुकता भी देखने को मिल रही है।

भारत में यह आशंका लगातार जताई जा रही थी कि, यदि भारत के गांव में कोरोना पहुंचा तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति को देखते हुए उनका ऐसा सोचना सही भी था। लेकिन सभी शंकाओं को दरकिनार करते हुए ग्रामीण भारत ने कोरोना के मामले में अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। लाॅकडाउन का सही से पालन किया है। वहीं शहरों में न केवल कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, बल्कि लाॅकडाउन उल्लघंन की खबरें भी खूब आ रही हैं। कहा जा सकता है आज ग्रामीण भारत में पंचायत स्तर के प्रयासों व जनता की भागीदारी ने काफी हद तक कोरोना संकट के खतरे को कंट्रोल किया है।

वहीं कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। कोरोना के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए गली-गली पोस्टर और दीवारों पर इससे बचाव के उपाय लिखे जा रहे हैं। वहीं लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है।  इसके अलावा सेनिटाइजर का छिड़काव किया जा रहा है, जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने के साथ ही वित्तिय सहायता भी प्रदान की जा रही है। लोग घरों से बाहर न निकले इसलिए आवश्यक वस्तुओं की  होम डिलीवरी की जा रही है।

तमाम राज्यों में ग्रामीण स्तर पर कोरोना को रोकने के क्या प्रयास किए जा रहे हैं, आइए जानते हैं- 

बिहार – बिहार के ही दरभंगा जिले स्थित गांव, पौराम, हायाघाट में कोरोना को लेकर लोग काफी जागरूक हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का भी यहां सख्ती से पालन किया जा रहा है। लाॅकडाउन का पालन सही से हो इसके लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। बीडीओ राकेश कुमार खुद निगरानी कर रहे हैं। प्रखंड मुख्यालय के तमाम अधिकारियों की क्वारंटीन सेंटर पर ड्यूटी लगाई गई है। क्वारंटीन सेंटर पर आगनबाड़ी और आशा वर्करों को खाना बनाने की जिम्मेवारी दी गई है। राज्य सरकारों द्वारा जो भी सहायता राशि  लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही है वो पंचायत लोगों तक पहुंचा रही है। इसके साथ ही कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए या कोई भी सूचना जनता तक पहुंचाने के लिए स्पीकर द्वारा बार – बार  अनाउंसमेंट की जाती है।

इसी गांव के एक राशन डीलर आशुतोष झा उर्फ ‘लालू’ से जब हमने उनके यहां राशन बांटने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जानने का प्रयास किया तो उन्होंने बताया कोरोना के चलते  फिलहाल हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाना बंद कर दिया गया है और इसकी जगह उनकी तस्वीर राशन लेते हुए ली जा रही है, ताकि राशन का सत्यापन भी हो सके और राशन के कार्य में व्यवधान भी पैदा ना हो।

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वहीं गांव के ही निवासी और पूर्व प्रमुख सूर्यवली झा से बात करने पर पता चला कि, गांव में तकनीकों और मशीनों के प्रयोग से खेती विशेषकर गेहूं काटने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे खेती के काम में लोगों की संलिप्तता, सहभागिता को कम से कम किया जाए। कोरोना के खतरे से बचाव के लिए प्रशासन के साथ ही गांव के लोग भी अपनी जिम्मेवारी निभा रहे हैं। गांव के शुरुआत में ही कुछ सक्रिय ग्रामीणों की जिम्मेवारी तय की गई है, ताकि गांव से बाहर के लोगों को गांव में आने से रोका जा सके। वहीं सब्जी की गांव में ही खरीद और बिक्री की जा रही है और नदी में ग्रामीणों के स्नान और नौकायन पर फिलहाल पाबंदी है। सबसे बड़ी बात ग्रामीण खुद में अति जागृत हैं अतः आजतक ईश्वर की कृपा से मेरे जिले में और इलाके में एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया है।

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गांव में कोरोना को लेकर किस प्रकार व कितना ख्याल रखा जा रहा है इसको लेकर सूर्यवली आगे बताते हैं, कुछ लोग कलकत्ता से आये थे, अपने वाहन से उन्हें गांव के बाहर रोक दिया गया, परिवार के सदस्यों ने ही पुलिस के माध्यम से उनकी जांच करवाई। उन लोगों को स्नान बाहर ही करवाया तब जाकर उन्हें गांव में आने की अनुमति दी गई। शर्त यह भी दी गई कि 20 दिन वो अपने घर में ही आइसोलेट रहेंगे।

वहीं भारत – नेपाल सीमा से केवल 14 किलोमीटर दूर सिंहवाहिनी ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा कोरोना के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए दीवारों पर कोरोना से बचाव व सावधानी के उपाय लिखे जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश- उत्तर प्रदेश में भी कोरोना के काफी ज्यादा मामले हैं। यहां की ग्राम पंचायतों भी कोरोना के खतरे को लेकर लोग सर्तक हैं। यहां कोरोना संंक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही लाॅकडाउन का पालन सख्ती से हो इसके लिए निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश की हसुडी औसानपुर ग्राम पंचायत द्वारा, लोग लाॅकडाउन का उल्लघंन न कर पाए इसके लिए cctv कैमरों से  पूरे गांव के हर गली, चौराहों पर नजर रख रखी जा रही है। साथ ही  लोगों को  मास्क व डिटॉल साबुन बांटे जा रहे हैं। लगातार सेनिटाइजेशन का काम भी हो रहा है। कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर घर में पोस्टर और पर्चे भी बांटे जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भी लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत में सोशल डिसटेनसिग को ध्यान में रखते हुए गांव की महिलाओं को हाथ धोने का प्रशिक्षण दिया गया जा रहा है। साथ ही सभी महिलाओं से आग्रह किया जा रहा है कि अपने पड़ोसियों को भी कोरोना वायरस से बचाव में होंने वाली सावधानियों के बारे में प्रेरित करें।

राजस्थान – राजस्थान कोरोना से प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्यों में से एक है। यहां की सभी ग्राम पंचायतों ने कोरोना के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर गांवों में जनता के बीच जागरुकता पैदा की जा रही है। जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को  कोरोना के बारे में जानकारी दी जा रही है। यहां हनुमानगढ़ जिले की ग्राम पंचायत मक्कसर में सड़कों पर नियमित सफाई अभियान चलाया जा रहा है और सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सदस्यों और सामाजिक संगठनों द्वारा नागरिकों को फेस मास्क वितरित किए जा रहे हैं और नागरिकों को यह भी कहा जा रहा है कि वे अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुएं, हाथों को बार-बार धोएं और व्यक्तिगत दूरी बनाए रखें। ग्रामीणों को राशन बांटने के साथ-साथ, एक सामाजिक सेवा संगठन द्वारा आवारा पशुओं को चारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

झारखण्ड- कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर  नगर पंचायत कोडरमा के विभिन्न वार्डों को स्प्रे मशीन और सेनिटाइजर टैंकर के माध्यम से जलवाबाद से गिरिडीह रोड तक सेनेटाइज किया जा रहा है।

हरियाणा – इंद्री के गांव कमालपुर रोड़ान  की पंचायत द्वारा गांव के चारों तरफ के रास्तों को बंद कर दिया गया। जिसकी कुछ लोगों द्वारा निगरानी भी की जा रही है। पंचायत द्वारा यहां के लोगों को कोरोना के प्रति लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों को मास्क बांटने के साथ ही सेनिटाइजेशन का काम भी किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़:  राज्य की कांकेर जिले की पंचायत द्वारा  ग्रामीणों और बाहर से आए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग की आवश्यकता व कोरोना से बचाव के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए इस पर जागरुकता प्रदान की जा रही है। साथ ही पीआर अधिकारियों द्वारा मनरेगा कृषि श्रमिकों और मजदूरों और कामगारों को हाथों को बार-बार धोएं और व्यक्तिगत दूरी बनाए रखें के लिए जागरूक किया जा रहा है।

तमिलनाडु : कन्नूर ग्राम पंचायत द्वारा क्षेत्र में लगातार सेनिटाइजेशन किया जा रहा है। वहीं मेट्टूपट्टी ग्राम पंचायत में राशन प्राप्त करने आए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए राशन वितरित किया जा रहा है। कोयम्बटूर जिले के पोल्लाची नॉर्थ ब्लॉक में वडक्किपलायम गांव में सेनिटाइजेशन का छिड़काव किया जा रहा है।

तिरुवल्लुर जिले के ब्लॉक पुल्लारंबक्कम में जरूरतमंद लोगों तक वाहनों द्वारा सब्जियां वितरित की जा रही है। इसी तरह विरुधुनगर ब्लॉक में बड़े पैमाने पर सफाई और सेनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है।

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तिरुवन्नामलाई जिले भी हर घर में सेनिटाइजेशन किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में स्वास्थ्य और स्वच्छता कार्यकर्ताओं को 3 प्रकार के पीपीई किट भी वितरित किए गए हैं।

ओडिशा – कटक, भुवनेश्वर और भद्रक में जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए खाने के इंतजाम किए गए हैं।  भंडारीपोखरी ग्रांम पंचायत में जरूरतमंद लोगों को 1000 / – रुपये की खाद्य सुरक्षा सहायता वितरित की गई है। भद्रक में सेनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यहां लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक करते हुए “ज्यादा जीवन, कम भीड़” जैसे स्लोगन का प्रयोग किया जा रहा है।

वहीं बिलासपुर पंचायत की प्रधान द्वारा न केवल लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक कर रही हैं, बल्कि वह खुद स्कूल,सड़क,आंगनवाड़ी,जीपी कार्यालय की सफाई कर रही हैं। इसके साथ ही वह गांव के युवकों की मदद से लोगों को मास्क, सेनिटाइजर , भोजन आदि का वितरण भी कर रही हैं।

तेलंगाना –राज्य में जिला स्तर पर कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सभी सरपंचों, पार्षदों, जिला परिषद के सदस्यों , नगर अध्यक्षों तहसीलदारों के साथ बैठक की जाती है। जहां इन सभी को कोरोना के संबंध में सभी जानकारी उपलब्ध करवार्ई जाती है।

रंगारेड्डी जिले के ग्राम पंचायत एसबी पाली ने पहले करते हुए प्रत्येक वालंटियर और सरकारी अधिकारियों के गांव में प्रवेश से पहले सेनिटाइजर हाथ धोना अनिवार्य कर दिया है। वहीं शकरपल्ली  के मंडल अध्यक्ष ने कोट्टपल्ली ग्राम पंचायत में अपने हाथ से मास्क बनाकर लोगों को बांटे। मेदक जिले के शालकरमपेट मंडल में,  MPDO ने उन लोगों के सीधे पेंशन वितरित कर दी जो लाॅकडाउन के दौरान बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकते।

कर्नाटक – उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल तालुक में जाली टाउन पंचायत ने सराहनीय प्रयास करते हुए देश में तालाबंदी से पहले ही COVID- 19 के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू कर दी थी। यहां के भटकल समुद्र तट पर स्थानीय लोगों, मछुआरों और पर्यटकों का जमावड़ा हमेशा लगा रहता था। पंचायत अध्यक्ष ने कोरोना के खतरे को भांपते हुए, समुद्र तट के पास आने वाले लोगों को कम से कम करने के लिए क्षेत्र की सीमाओं को पहले ही सील कर दिया। उन्होंने पहल का पालन करने और समर्थन प्राप्त करने के लिए पड़ोसी ग्राम पंचायतों को भी इसमें शामिल किया। इसके साथ ही उन्होंने कोरोनावायरस के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पर्चे भी छपवाए।

लद्दाख : लद्दाख में कोरोना के खतरे को देखते हुए चौकीयाल ग्राम पंचायत, द्रास ब्लॉक और डिस्केट नुब्रा ग्राम पंचायत द्वारा जरूरतमंदों को भोजन वितरिक किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य जांच और क्वारटींन सेंटर की भी व्यवस्था की गई है।

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अंडमान और निकोबार द्वीप समूह –  यहां ग्राम पंचायत द्वारा नील केंद्र में, दुकानों, सब्जी बाजार, पंचायत भवन और सार्वजनिक स्थानों सहित पूरे बाजार को सेनिटाइज किया जा रहा है। इसके साथ लोगों को राहत सामग्री प्रदान की जा रही है। यहां तक कि कुछ परिवारों को मौद्रिक सहायता भी प्रदान की गई।

गोवा : गोवा में भी पंचायत स्तर पर कोरोना को मात देने के लिए लगातार प्रयास जारी है। यहां उत्तरी गोवा के सत्तारी के सोनल गांव में निवासियों द्वारा गांव की सीमा को सील करने के लिए लकड़ी का गेट लगाया है, जिसकी यहां के युवाओं द्वारा सातों दिन निगरानी का जाती है। कोई व्यक्ति गांव से बाहर न निकले इसके लिए ग्राम पंचायत द्वारा आवश्यक वस्तुएं गांव के भीतर उपलब्ध कराई जाती है।

कोरोना से निपटने के लिए पंचायती राज मंत्रालय भी राज्य सरकारों के साथ मिलकर कई प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार और जिला अधिकारियों के साथ परामर्श करने के साथ ही , यह सुनिश्चित किया जा रहा है लॅाकडाउन का पालन हो, कहीं इसका उल्लघंन न हो। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, जिससे बीमारी का प्रसार न हो। कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों को हमें लगातार जारी रखना होगा। तभी कोरोना को हराया जा सकेगा।

वहीं देश में इस समय कोरोना के ताजा आकड़ों पर बात करें तो, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 14 हजार 378 हो चुकी है। और मरने वालों का आकड़ा 480 तक पहुंच चुका है।

 

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