चीन की लैब में बना कोरोना, नोबेल विजेता का दावा

नई दिल्ली। कोरोना,कोरोना और कोरोना पिछले 3 महीने से पूरी दुनिया इस जानलेवा बीमारी के प्रकोप से बेहाल है। यह वायरस अब तक लाखों लोगों की जान ले चुका है। यह आकड़ा कहा जाकर रूकेगा इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। वहीं कोरोना वायरस को लेकर शुरू से ही यह कहा जा रहा कि यह वायरस चीन की लैब में बनकर तैयार हुआ और वहां से पूरी दुनिया में फैला। अब ऐसा ही एक दावा फ्रांस के नोबेल पुरस्कार विजेता ने किया है। नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर ल्यूक मॉन्टैग्नियर ने यह दावा किया है कि, एड्स की बनाने के चक्कर में कोरोना वायरस का जन्म हुआ है। फ्रांसीसी समाचार चैनल को दिए गए एक साक्षात्कार में प्रोफेसर ल्यूक ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि, एचआईवी और यहां तक कि मलेरिया के कीटाणु की तत्वों की मौजूदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि इस वायरस का जन्म था प्राकृतिक तरीके से नहीं हुआ, बल्कि यह किसी लैब में तैयार हुआ है।

इससे पहले अमेरिकी चैनल फाॅक्स न्यूज ने भी अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कोरोना वायरस चीन की ही लैब वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से निकला है। जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार भी किया था। फॉक्स न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, वायरस का सबसे पहला ट्रांसमिशन चमगादड़ से मानव में हुआ और इस वायरस से संक्रमित होने वाली पहली रोगी इसी लैब में इंटर्न थी। साथ ही फॉक्स न्यूज ने भी दावा किया है कि चीन कोरोना वायरस से अमेरिका को चुनौती देने के लिए बना रहा था। सूत्र के मुताबिक सबसे पहले कोरोना वायरस चमगादड़ से इंसान में फैला और फिर यह धीरे-धीरे वुहान के मांस मार्केट में पहुंचा।

इन दावों के बीच ही चीन के वुहान से एक लैब की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों के बारे में दावा किया जा रहा है कि ये उसी लैब की हैं, जहां से कोरोना फैलना शुरू हुआ। तस्वीरों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि लैब में जिस फ्रिज में कोरोना समेत कोई 1500 वायरस रखे गए थे, उसकी सील टूटी हुई थी। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद से कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

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वुहान के इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की ये तस्वीरें पहली बार 2018 में चाइना डेली न्यूजपेपर ने ट्विटर पर डाले थे, बाद में इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। अंग्रेजी अखबार डेली न्यूज ने लिखा है, चाइना डेली अखबार ने लैब की फोटोज के साथ लिखा था- ‘एशिया के सबसे बड़े वायरस बैंक पर एक नजर सेंट्रल चीन के हुबेई में स्थित वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने 1500 से अधिक वायरस स्ट्रेन्स को संरक्षित करके रखा है।

 

हांलाकि चीन अपने ऊपर लग रहे हर आरोपों को सिरे से नाकार देता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार चीन को इसके लिए अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। ट्रंप ने कहा यदि यह सच हुआ कि कोरोना वायरस चीन की लैब से निकला है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

वहीं दुनिया में इस कोरोना के ताजा आकड़ों की बात करें तो,worldometers.info के मुताबिक दुनियाभर में इससे 2,425,430 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं मरने वालों का आकड़ा 166,058 पर पहुंच चुका है।

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