कट्टरता और जिहाद का नया अड्डा बना TikTok, भारत सहित दुनियाभर में बैन करने की मांग

नई दिल्ली। दुनिया की मशहूर चीनी एप्प टिकटॉक (TikTok) पर भारत में बैन लगाने की मांग लंबे समय से जारी है। 3 अप्रैल 2019 को मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा चाइल्ड पोर्नोग्रफी के खतरे को देखते हुए टिकटॉक पर बैन लगाया गया था लेकिन टिकटॉक द्वारा करीब 6 मिलियन वीडियो को टिकटॉक से हटाने और कंपनी द्वारा भारी लॉबिंग के बाद इस बैन को एक सप्ताह के भीतर ही हटा लिया गया था।

इससे पहले गृह मंत्रालय ने ZOOM असुरक्षित मानते हुए इसे सरकार द्वारा इस्तेमाल पर बैन लगाने का फैसला किया था।  मंत्रालय ने कहा कि ये सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं है और इसमें प्राइवेसी की दिक्कतें हैं। साइबर अटैक हो सकता है। ऑफिस की इन्फॉर्मेशन लीक हो सकती हैं।

Zoom app

मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने इसे लेकर आगाह किया था. फिर भी अगर इसे इस्तेमाल करना हो तो सरकार ने कुछ गाइडलाइंस जारी की थीं।

 

Hindustan

लेकिन कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन की वजह से टिकटॉक का इस्तेमाल अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। 13 अप्रैल, 2020, की न्यूज़ 18 की ख़बर के मुताबिक़, गूगल प्ले स्टोर पर टिकटॉक को 100 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था।

news 18

2019 में टिकटॉक पर बैन से कंपनी को तगड़ा झटका लगा था। टिकटॉक एप्प का संचालन करने वाली कंपनी बीजिंग की बाइटडांस टेकनोलॉजी को रोजाना साढ़े तीन करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा 250 कर्मचारियों की नौकरियों पर भी खतरा बन गया था। कांग्रेस नेता अभिषेक मनुसंघवी ने ही टिकटॉक की अदालत में पैरवी की थी।

बता दें कि टिकटॉक से यूजर्स स्पेशल इफेक्ट के जरिए से शॉर्ट वीडियोज बना सकते हैं और यह दुनिया की सबसे मशहूर एप्स में से एक है। यह तकरीबन भारत में तीन सौ मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड की जा चुकी है। वहीं, दुनियाभर में इस एप को एक बिलियन से ज्यादा डाउनलोड हैं। एप्प के जरिए बॉलीवुड के डायलॉग, जोक्स, गानों पर यूजर्स वीडियो बनाते हैं। इतना ही नहीं इसमें लिप-सिंक से लेकर लोकप्रिय गानों और म्यूजिक पर डांस भी करते हैं।

भारत में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इसमें तबलीगी जमात की घटना के बाद सोशल मीडिया पर निरंतर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले में बवाल तब मच गया, जब ट्विटर पर रविवार (अप्रैल 05, 2020) को ‘जिहाद फैलाता टिकटॉक’ (#जिहाद_फैलाता_TikTok) ट्रेंड करने लगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने टिकटॉक पर कार्यवाही करने के संकेत दिए थे।

टिकटॉक पर इस तरह के वीडियो पर उत्तर प्रदेश के गृह सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि, हम टिकटॉक कम्पनी से भी संपर्क करेंगे, कैसे इस तरह के (भड़काऊ) वीडियो को रोका जाए, उन्होंने कहा, इसके लिए हम भारत सरकार से भी अनुरोध करेंगें की टिकटॉक पर अफवाह फैलाने वाले वीडियो को रोका जाए।

इस एप्प के जरिए तमाम बॉलिवुड और टीवी सिलेब्रिटीज के लिए अपने फैंस को एंटरटेन करने का जरिया रहा है और वे अपने नए प्रॉजेक्‍ट्स को भी प्रमोट कर रहे हैं। हालांकि, कुछ ऐसे भी ऐक्टर्स हैं जिन्‍हें लगता है कि इस चाइनीज ऐप को बैन कर देना चाहिए और इन्‍हीं में से एक कुशाल टंडन हैं। कुशाल टंडन ने इंस्‍टाग्राम पर टिकटॉक को बैन करने की इच्‍छा जाहिर करते हुए लिखा कि टिकटॉक एक चीनी एप्प है और चुकि यह यह चीन से ताल्‍लुक रखती है इसलिए टिकटॉक को बैन कर दिया जाना चाहिए । उन्‍होंने एक नोट में लिखा, ‘चीन की वजह से पूरी दुनिया परेशान है लेकिन फिर भी भारतीय और अन्‍य लोग उन्‍हें टिकटॉक के जरिए रेवेन्‍यू दे रहे हैं।’

Kushal tondon

ऐक्‍टर ने आगे लिखा, ‘चीन ने इस ऐप को उन लोगों के लिए बनाया है जो यूजलेस हैं और जिनके पास कुछ करने को नहीं है। हम लोगों को देखिए, हाहा, सभी टिकटॉक पर हैं। टिकटॉक को बैन करें। मुझे गर्व है कि मैंने कभी इस शिट को यूज नहीं किया। बैन टिकटॉक।’

वहीं 31 दिसंबर, 2019, को यूएस आर्मी ने भी ऑफ़िशियल मोबाइल फ़ोन पर टिकटॉक को बैन कर दिया था।

bbc

अमेरिकी सेना में ‘साइबर अटैक’ की आशंका के चलते, आर्मी ने अपने स्टाफ़ को, ऑफ़िस के फ़ोन से टिकटॉक हटाने की सलाह दी थी।

वहीं इंडोनेशिया की सरकार ने 2018 में, 1,70,00 लोगों के अपील पर हस्ताक्षर करने के बाद टिक टॉक को बैन कर दिया। इंडोनेशिया की सरकार ने कहा कि टिक टॉक बच्चों के लिए ठीक नहीं है। हालांकि, जब टिकटॉक के अधिकारियों ने आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का वादा किया तो बाद में बैन हटा दिया गया था।

द गार्डियन की 21 दिसंबर, 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, यूएस नेवी ने अपने स्टाफ़ के सरकारी मोबाइल फ़ोन से टिकटॉक हटाने का आदेश दिया था। जो ऐसा नहीं करते, वो नेवी मरीन कोर के इंट्रानेट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

Gaurdian

वहीं, 25 फ़रवरी, 2020 की बिजनेस इनासाइडर की रिपोर्ट है। इसके अनुसार, ‘ट्रांसपोर्ट सर्विस एडमिनिस्ट्रेशन’ (TSA), अमेरिका में अपने कर्मचारियों को टिकटॉक हटाने का आदेश दे दिया था। इसी रिपोर्ट में होमलैंड सिक्योरिटी, मरीन कोर, कोस्ट गार्ड, यूएस एयरफ़ोर्स के द्वारा भी टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

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12 मार्च, 2020 को पब्लिश रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटर, जोश हॉले और रिक स्कॉट, ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा टिकटॉक के इस्तेमाल पर रोक लगाने का बिल पेश किया था। जोश हॉले मिसौरी से सेनेटर हैं। उन्होंने बिल पेश करने से पहले इसकी जानकारी भी दी थी। हमें 5 मार्च को यूट्यूब पर अपलोड हुआ जोश हॉले का वो भाषण मिल गया, जिसमें वो टिकटॉक से पैदा हुए खतरे की बात कर रहे हैं।

Reuters

सीनेटर जोश के अनुसार, टिकटॉक का मालिकाना हक़ चीन की कंपनी बाइटडांस के पास है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना के सदस्य भी शामिल हैं। इस वजह से बाइटडांस को यूजर्स की जानकारी चीनी सरकार को देनी होती है। और, यही अमेरिकी एजेंसियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है।

टिकटॉक वीडियो (Tiktok video) पर ज्यादा लाइक ना मिलने से परेशान नोएडा के एक युवक ने घर में पंखे से लटककर जान दे दी। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।

nbt

‘ऑप इंडिया’ की खबर के मुताबिक कुछ ऐसे युवकों की गिरफ्तारी भी हुई है, जो टिकटॉक वीडियो के जरिए यह बताते देखे गए कि कोरोना अल्लाह का अजाब (कहर) है। एक युवक को टिकटॉक पर 500 रुपयों की गड्डी पर अपनी नाक पोंछते हुए देखा गया। ऐसा करने के पीछे वायरस के संक्रमण को बढ़ाने का सन्देश देना था।

इसके अलावा, कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर भी टिकटॉक पर कई ऐसे वीडियो वॉयरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर आम जनता आसानी से भ्रमित भी हो जाती है और ऐसी अफवाहों का शिकार होने में उन्हें देर नहीं लगती।

वहीं ऑप इंडिया ने आगे लिखा है कि, हाल ही में कुछ ऐसे युवकों की गिरफ्तारी भी हुई है, जो टिकटॉक वीडियो के जरिए यह बताते देखे गए कि कोरोना अल्लाह का अजाब (कहर) है। एक युवक को टिकटॉक पर एक ऐसा वीडियो बनाते हुए पकड़ा गया था, जो 500 रुपयों के नोटों की गड्डी पर अपनी नाक पोंछते हुए देखा गया था। ऐसा करने के पीछे युवक की मंशा इस वायरस के संक्रमण को बढ़ाने का सन्देश देना तो था ही, साथ में वह इस वायरस को अल्लाह का कहर भी कहते हुए देखा गया। हालाँकि, सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होते ही इस मुस्लिम युवक को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में इस्तेमाल होने वाले टॉप 100 ऐप्स में 44 तो चीन के ही हैं।

Chinese App

उम्मीद है कि जिस तरह से सरकार ने मुश्किल में फँसी भारतीय कंपनियों को चीनी हमले से बचाने के लिए फौरन एफडीआई के नियमों में बदलाव किया ठीक उसी प्रकार देश और देश के युवाओं को भी इस तरह के एप्प के हमलों से बचाएगी।

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