देश में खाद्यान्न उत्पादन की कोई कमी नहीं, सरकार का प्रयास देश में कृषि क्षेत्र निरंतर प्रगति करता रहे- केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

नई दिल्ली। देश में व्याप्त कोरोना संकट के बीच केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को प्रेस कॅान्फ्रेंस कर देश में कृषि व्यवस्था के हालातों पर चर्चा की। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा भारत एक कृषि प्रधान देश है, देश की अर्थव्यवस्था में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान हमेशा से रहा है। इसी का परिणाम है कि हम खाद्यान्न की दृष्टि में उपलब्धता से अधिक खाद्यान्न का उत्पादन करते हैं। उन्होंने कहा, जब देश और दुनिया इस सकंट के समय से गुजर रहा है , लाॅकडाउन लागू है उस समय भी कृषि व्यवस्था पूरी तरह संचालित है। बुआई से लेकर कटाई का काम सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों से अन्न खरीदे भी जा रहे हैं।

देश में खाद्यान की कोई कमी नहीं
केंद्रीय मंत्री ने आगे बोलते हुए कहा, सरकार और पीएम मोदी की प्राथमिकता में कृषि क्षेत्र शुरू से रहा है। जिसका नतीजा हमें आज देखने को मिल रहा है।  देश में खाद्यान की बिल्कुल कमी नहीं है, सब्जियां, दूध आदि कुछ सामान्य रूप से मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जीडीपी में कृषि का योगदान 3.7% रहा है और आने वाले वक्त में भी यह कम नहीं होगा।

पीएम किसान योजना
पीएम ने पिछले दिनों किसान समृद्धि योजना का आगाज किया। इसके तहत 71,हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

 

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खाद्यान्न का उत्पादन बढ़ा
किसानों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि, भारत ने खाद्य में उत्पादन की दृष्टि से शानदार प्रर्दशन किया है। जो उत्पादन वर्ष 2018-2019 में 28 करोड़ टन था वो  2019 – 2020 में 29.19 करोड़ टन हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष भी हमारा उत्पादन लक्ष्य से अधिक होगा।

अन्य आकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने दलहन , ग्रीष्मकालीन फसलों  व बागवानी की स्थिति भी बताई।
दलहन का उत्पादन
दलहन का उत्पादन भी वर्ष 14-15 में 17.20 मिलियन टन था जो अब 23 मिलियन  टन हो गया। इस क्षेत्र में लगातार प्रगाति हो रही है।

ग्रीष्मकालीन फसलों में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी
इसी तरह ग्रीष्म कालीन फसलों का बुआई  क्षेत्र भी 57.07 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है जो पिछले साल की तुलना से 38 प्रतिशत अधिक है। लॉकडाउन में भी बुआई प्रभावित नहीं हुई, यह प्रसन्नता की बात है।

बागवानी उत्पादन
बागवानी में भी लगातार प्रगति हुई है वर्ष 2018-2019 में 310 मिलिनय टन थी तो  2019-2020 में यह बढ़कर 313.35 मिलियन टन  पहुंच गया है।

फसल कटाई और खरीद
फसल कटाई का काम अनेक परेशानियों के बावजूद नहीं रुका। दलहन और तिलहन की कटाई लगभग पूरी हो गई जबकि गेहूं की कटाई 88% पूरी हो गई है। लॉकडाउन के दौरान भी किसानों, मजदूरों को छूट दी गई। एमएसपी पर खरीद का काम भी लगातार चल रहा है।  सरकार द्वारा 117 लाख टन गेंहू, 18 लाख टन धान, 5 लाख टन दलहन की खरीद हो चुकी है।

ई-नाम
इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन के लिए ENAM(नेशनल एग्रीकेल्चर मार्केट) प्लेटफॉर्म बनाया गया था। इस पर 585 मंडियां जोड़ी गईं,इनमें एक लाख करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। 1 मई तक हम इनकी संख्या 100बढ़ा रहे हैं। मई महीने में हमारी कोशिश है कि ENAM पर 1000मंडियां जुड़ जाएं।

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पीएम फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भरपूर लाभ भी किसानों को मिला। 2018-19 और 2019-20 में 9,214 करोड़ रुपये किसानों का प्रीमियम जमा हुए और मुआवजे के रूप में उन्हें 85,289 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। फसल बीमा योजना में बदलाव किया गया। अब इस योजना को स्वैच्छिक कर दिया गया है। पहले इसका खर्च केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में उठाया जाता था। अब पूर्वोत्तर राज्य सिर्फ 10% खर्च उठाते हैं।

 

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