हंदवाड़ा एनकाउंटर में शहीद कर्नल आशुतोष शर्मा को अंतिम विदाई

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा एनकाउंटर में शहीद हुए सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल आशुतोष शर्मा को मंगलवार सुबह आर्मी कैंपस में श्रद्धांजलि दी गई। हंदवाडा मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा को आज जयपुर में अंतिम विदाई दी गयी। इस मौके पर उनके परिजन और दोस्त भी मौजूद थे। आर्मी बैंड ने भी कर्नल शर्मा को श्रद्धांजलि दी।

https://platform.twitter.com/widgets.js

जम्मू कश्मीर के हंदवाडा के आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा की पार्थिव देह सोमवार को जयपुर पहुंची और आज उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इससे पहले सुबह उन्हें लोगों ने आखिरी सलाम करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। जयपुर के मिलट्री स्टेशन पर हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लोगों ने शहीद आशुतोष को अंतिम सलाम किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पहुंचे।

https://platform.twitter.com/widgets.js

मूलत बुलंदशहर के रहने वाले आशुतोष शर्मा की मां, बड़े भाई पीयूष शर्मा, पत्नी पल्लवी शर्मा और 12 साल की बेटी तमन्ना जयपुर में ही रहते है। हंदवाडा के इस एनकाउंटर में आशुतोष शर्मा के शहीद होने की खबर रविवार सुबह उनके परिवार को मिली। खबर सुनने के बाद परिवार को एकाएक धक्का तो लगा लेकिन इस परिवार को कर्नल आशुतोष की शहादत पर गर्व है।उनके भाई पीयूष शर्मा का कहना है कि दुख की घड़ी तो है, लेकिन हमें उसके बलिदान पर गर्व है।उसने देश के लिए शहादत की है। सबका नाम ऊंचा किया है। उन्होंने बताया कि कोरोना के इस समय में बुलदंशहर जाना सम्भव नहीं है और पिछले 15 साल से जयपुर में ही रह रहे है, इसलिए यही अंत्येष्टी करेंगे।

उन्होने बताया कि एक मई को आखिरी बार उनसे बात हुई थी। उस दिन उनकी रेजिमेंट का स्थापना दिवस था। दोपहर में लंच के समय बात हुई। इसके बाद शाम पांच बजे उनका मैसेज था कि वे बाहर है। उनकी पत्नी पल्लवी शर्मा का कहना है कि सेना की युनिफार्म उनके लिए जुनून थी और उन्होंने जो किया है, वह उनका निर्णय था। ऐसे में हमें कोई हक नहीं बनता कि हम उनके सर्वोच्च बलिदान पर आंसू बहाएं। हमें उनकी शहादत पर गर्व है। पल्लवी शर्मा ने कहा कि हमारी शादी को 16 साल हो गए है, इसलिए कुछ अंदाजा हो ही जाता है। कल रात से ही लग रहा था कि कुछ ठीक नहीं हो रहा है, लेकिन हम सिर्फ खुद को समझा रहे हैं। उनकी मां करीब 80 साल की है। उनका कहना है कि मेरी तो जिंदगी ही आधी रह गई। दो दिन पहले जब फोन पर बात हुई थी तो कहा था कि अब कि बार आउंगा तो हंदवाडा घुमाने के लिए लेकर जाउंगा।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

Blog at WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: