ट्रम्प ने दो भारतीय-अमेरिकी को सौंपी अहम जिम्मेदारी, सरिता कोमातीरेड्डी को संघीय अदालत में जज तो अशोक पिंटो को ‘IBRD’ का कार्यकारी निदेशक बनाया

नई दिल्ली। भारतीय मूल के लोग दुनिया भर में अपनी प्रतिभा के झंडे गाड़ रहे हैं। विशेषकर अमेरिका और ब्रिटेन में। इन दोनों देशों की स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक और तकनीक के क्षेत्रों में भारतवंशी लोगों का विशेष दख़ल है। तभी तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ही दिन में दो भारतीय-अमेरिकी को अपने प्रशासन में विशेष दायित्व सौंपा है। पहला मामला है किसी भारतीय मूल के शहरी को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में बतौर न्यायाधीश चुनना और दूसरा है ‘अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक’ (आईबीआरडी) का वैकल्पिक कार्यकारी निदेशक चुनना।

समाचार एजेंसी भाषा की ख़बर के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल की अमेरिकी अधिवक्ता को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में सरिता कोमातीरेड्डी को बतौर न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के लिए 04 मई 2020 को नामित किया।

एजेंसी के अनुसार न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के लिए अमेरिकी जिला अदालत के न्यायाधीश के तौर पर नामित, सरिता कोमातीरेड्डी, एक अभियोजक हैं और कोलंबिया लॉ स्कूल में कानून पढ़ाती हैं।

व्हाइट हाउस ने अपने एक बयान में बताया कि ट्रंप ने सोमवार, 04 मई को उनका नामांकन अमेरिकी सीनेट को भेजा है।

सरिताइ ससे पहले इसी जिला अदालत के पूर्व न्यायाधीश ब्रेट कैवनॉ के तहत लिपिक का काम कर चुकी हैं।

कोमातीरेड्डी फिलहाल न्यूय़ॉर्क पूर्वी जिले के लिए अमेरिकी न्यायवादी कार्यालय में सामान्य आपराधिक मामलों की उपप्रमुख हैं।

इससे पहले वह जून 2018 से जनवरी 2019 तक अंतरराष्ट्रीय नार्कोटिक्स एवं धनशोधन मामलों की कार्यवाहक उपप्रमुख और 2016 से 2019 तक कंप्यूटर हैकिंग और बौद्धिक संपदा समन्वयक के पद पर रही हैं।

प्रतिष्ठित हार्वर्ड लॉ स्कूल से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद कोमातीरेड्डी, कोलंबिया सर्किट जिले की अपीली अदालत के तत्कालीन न्यायाधीश ब्रेट कैवनॉ के कानून लिपिक के तौर पर सेवा दे चुकी हैं।

वह बीपी डीपवॉटर हॉरिजन ऑयल स्पिल एंड ऑफशोर ड्रिलिंग पर राष्ट्रीय आयोग की वकील भी रही हैं।

इस साल 12 फरवरी को, ट्रंप ने कोमातीरेड्डी को न्यूयॉर्क पूर्वी जिला अदालत की जिला न्यायाधीश के तौर पर नामित करने की अपनी मंशा की घोषणा की थी।

वहीं दूसरी तरफ एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारतीय मूल के अमेरिकी अशोक माइकल पिंटो को अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (आईबीआरडी) में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया है।

पिंटो की भी नियुक्ति 04 मई 2020 को ही आईबीआरडी में अमेरिकी वैकल्पिक कार्यकारी निदेशक के पद के लिए नामित किया गया। उनका कार्यकाल दो वर्ष का होगा। सीनेट से उनके उनके नाम पर मुहर लग जाने के बाद पिंटो एरिक बेथल की जगह लेंगे। एरिक बेथल के इस्तीफे के बाद से ही यह पद रिक्त है।

पिंटो फिलहाल अमेरिकी वित्त विभाग में अंतरराष्ट्रीय मामलों के अवर सचिव के सलाहकार हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से बीए और यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय कॉलेज ऑफ लॉ से भी पढ़ाई की है। बता दें कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने 09 अप्रैल को ही पिंटो को नामित करने की इच्छा जाहिर कर दी थी।

पिंटो दो अंतरराष्ट्रीय कानून फर्मों में अपनी निजी प्रैक्टिस के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के विशेष सहायक और एसोसिएट वकील थे। वे पश्चिमी जिला लुइसियाना में संयुक्त राज्य जिला न्यायालय के न्यायाधीश एफ ए लिटिल, जूनियर के लॉ क्लर्क भी थे।

इस नियुक्ति से पहले उन्होंने अमेरिका कांग्रेस में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं हैं जिनमें मुख्य कार्यकारी वकील और नीति निदेशक, वाणिज्य समिति, विज्ञान और परिवहन, सीनेट के मुख्य परामर्शदाता, प्रतिनिधि सभा में बनीं सरकारी सुधार समिति और सीनेट में न्यायपालिका पर समिति के विशेष वकील अहम हैं।

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