मदद से गदगद हुए मुस्लिम परिवारों ने किया संघ का शुक्रिया, कहा- स्वयं सेवकों ने हमारी आंखें खोल दी

नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है, इस दौरान कई जगहों पर लोग फंसे हुए है। सरकार और समाज की दूसरी गैर-लाभकारी संस्थाए बढ़-चढ़कर मदद कर रही है। इसी दिशा में रांची के देवघर में फंसे 25 मुस्लिम परिवारों की खबर जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को पता चली तो मदद के लिए फौरन संघ के कार्यकर्ता पहुंचे। इतना ही नहीं रांची के बूटी इलाके के 89 परिवारों को भी मदद पहुंचाई गई।

दरअसल संघ परिवार का हमेशा से लोगों की सेवा करता आ रहा है। बिना किसी भेदभाव के समान रूप से सभी की मदद करता आया है। रांची के जगन्नाथपुर मंदिर के पास एक बिल्डर के यहां बिहार के मजदूर फंसे हैं। अररिया जिले के रहने वाले ये सभी मुस्लिम समुदाय के हैं। जैसे ही संघ के स्वयंसेवकों को उनके बारे में पता चला फौरान संघ के कार्यकर्ता मदद के लिए पहुंच गए। नगर कार्यवाह के नेतृत्व में मजदूरों को राशन सामग्री के साथ अन्य जरूरी समान मुहैया कराया गया।

वहीं राशन मिलने के बाद मोहम्मद कुर्बान, नुहू, आलमगीर आलम जैसे मजदूरों ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ने पराई जगह पर हमारी सुध ली है। लोग नाहक में संघ को मुस्लिम विरोधी बताते हैं। ऐसे लोग सिर्फ अफवाहों का बाजार गर्म करते हैं और बदनाम करने की कोशिश करते है। लेकिन सच्ची निष्ठा के साथ मदद करने वाला संघ हमेशा फरिश्ता बनकर आ ही जाता है।

इसी तरह रांची के बूटी इलाके में भी संघ ने 89 मुस्लिम परिवारों को राशन दिया साथ ही देवघर के दुर्गापुर में भी 25 परिवारों को मदद पहुंचाई। ये परिवार भी मुस्लिम समुदाय के हैं। लेकिन संघ ने इनके साथ बिना किसी भेदभाव के मदद पहुंचाई।

संघ को बदनाम करने की कोशिश

पूरे देश में तीन लाख से अधिक स्वयंसेवक 52 लाख से अधिक परिवारों तक राशन पहुंचा चुके हैं। इतना सब करने के बावजूद एक तबका ऐसा भी है जो संघ को हमेशा से अपशब्द कहता आया हैं। हमेशा से बदनाम करने की कोशिश रही है। लेकिन मदद से खुश हुए कई मुस्लिम परिवारों ने खुले तौर पर कहा कि संघ के कार्यकर्ताओं ने हमारी आंखें खोल दी हैं। कुछ लोग हमें उनके बारे जो बताते थे, यह उसके बिल्कुल उलट है। मुस्लिम के साथ जनजातीय परिवारों के लोगों के लिए भी संघ के कार्यकर्ता राहत कार्य चला रहे हैं। पहाड़ों पर बसे जनजातीय परिवारों के बीच भी तीन से चार किमी पैदल चलकर मदद पहुंचाई जा रही 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा से लोगों की सेवा करता रहा है। देश में फैले कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बीच संघ के स्वंय सेवकों ने देश के कोने-कोने में लोगों की मदद करते नजर आए हैं। संघ हमेशा से बिना किसी भेदभाव के समाज में समान रूप से काम करता रहा है। लेकिन कुछ लोगों में एक धारणा बनी हुई है कि संगठन हिंदुओं के हितों की रक्षा करता है। उनका ही मददगार है। कोरोना के कहर के बीच लॉकउाउन में फंसे लोगों की मदद कर आरएसएस कार्यकर्ताओं ने सभी के लिए सच्चे मददगार की अपनी छवि को और मजबूत किया है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s