विशाखापत्तनम नेवी जासूसी प्रकरण का मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद हारून हाज़ी गिरफ्तार, कई आला अधिकारी NIA के रडार पर

नई दिल्ली। आईएनएस विशाखापत्तनम जासूसी प्रकरण के नाम से मशहूर एक जासूसी कांड में जांच एजेंसी एनआईए ने 15 मई को इस मामले के मुख्य षड्यंत्रकारी 49 वर्षीय मोहम्मद हारून हाजी उर्फ अब्दुल रहमान लकड़ावाला को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। हारून पर आरोप है कि वह सीमापार व्यापार के नाम पर कई बार कराची, पाकिस्तान गया था। यहाँ उसकी मुलाकात दो पाकिस्तानी जासूस रिज़वान और अकबर से हुई।

लकड़ावाला ने इन्हीं दो पाकिस्तानी जासूसों के निर्देश पर भारतीय नौसेना के कुछ कर्मियों के खातों में पैसे भी जमा कराए थे। एनआईए इस मामले में अब तक 11 नौसेना कर्मियों समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार जैसे जैसे मामले की जांच आगे बढ़ रही है वैसे ही कई अहम खुलासे भी हो रहे हैं। और तो और जांच एजेंसियों को शक है कि इस साजिश के तार ऊर तक जा सकते हैं। 

सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला एक अंतरराष्ट्रीय जासूसी रैकेट से संबंधित है जिसमें पाकिस्तान के अनेक जासूसों समेत भारतीय नौसेना के कुछ कर्मी तथा अन्य लोग शामिल हैं। एनआईए की छानबीन में पता चला कि कैसे मोहम्मद हारून ने पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के आकाओं के कहने पर भारतीय नौसैनिक जहाजों, युद्धपोतों, और पनडुब्बियों के अलावा अन्य रक्षा प्रतिष्ठानों के स्थानों और उनके कार्यों के बारे में संवेदनशील और गुप्त जानकारी एकत्र करने का काम शुरू किया। इसी मकसद के तहत उसने अपने अनेक एजेंट बनाए और इन एजेंटों को कुछ नौसेना कर्मियों के संपर्क में आने को कहा गया।

एनआईए के अनुसार नौसेना कर्मी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक व्हाट्सएप आदि के माध्यम से पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में आए और तथाकथित रिश्वत के बदले गुप्त जानकारियां इन एजेंटों तक पहुंचाई। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इन नौसेना कर्मियों के बैंक खातों में भारतीय एजेंटों के माध्यम से पैसा भी जमा किया गया एनआईए के आला अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 11 नौसेना कर्मी और एक पाकिस्तानी मूल का भारतीय नागरिक सुश्री शाइस्ता केसर शामिल है।

इस जासूसी केस का मुख्य षड्यंत्रकारी मोहम्मद हारून मूलतः मुंबई का रहने वाला है। अकबर उर्फ अली और रिज़वान नाम के इसी दो पाकिस्तानी जासूसों ने मोहम्मद हारून को यह सलाह दी की इस काम के लिए सैन्य कर्मियों को अपने संपर्क में लाए और फिर रिश्वत के बदले उनसे गुप्त जानकारियां प्राप्त करे। एनआईए ने मोहम्मद हारून के ठिकानों पर छापे मारे जहां से डिजिटल उपकरणों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बरामद किया है। अब एनआईए इन बरामद चीजों के माध्यम से कड़ी से कड़ी जोड़कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि सघन जांच और पूछताछ के बाद मोहम्मद हारून से अनेक बड़े खुलासे हो सकते हैं और भारतीय नौसेना में शामिल ग़द्दारों को एक-एक कर समाप्त किया जा सकता है।

 

 

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