कोरोना संकट में फसल खरीद की क्या है स्थिति ?

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के कारण देश में लॉकडाउन लागू है। पहले यह लॉकडाउन 21 दिन  के लिए लगाया गया था। लेकिन कोरोना के बढ़ते खतरे के कारण इस आगे दो बार और बढ़ाया गया। लेकिन दूसरे लॉकडाउन में सरकार ने कृषि क्षेत्र को कई तरह की छूट के साथ दोबारा शुरू कर दिया था। चूंकि रबी की फसल भी कटने के लिए तैयार खड़ी थी और देश में खाद्यान्न की कमी का संकट भी सामने था, इसलिए भी इस छूट का दिया जाना जरूरी था। कोरोना के कारण इस बार फसलों की खरीद 15 अप्रैल से शुरू हो पाई थी।

आज कोरोना के संक्रमण के खतरे के बीच भी दलहन , तिलहन , सरसों और गेंहू की खरीद भी तेज गति से जारी है। जिसके चलते सरकार द्वारा प्राप्त आकड़ों के मुताबिक अभी तक लगभग 9.25 करोड़ किसान परिवार लाभांवित हुए हैं।

लॉकडाउन अवधि के दौरान  नेफेड द्वारा फसलों की खरीद की स्थिति- 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से  प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,  आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे 9 राज्यों से 3.17 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चने की खरीद की गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा जैसे 5 राज्यों से 3.67 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है।

वहीं  तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा जैसे 8 राज्यों से 1.86 लाख मीट्रिक टन तूर की खरीद की गई है।

ग्रीष्मकालीन फसलों का बुवाई क्षेत्र भी बढ़ा 

चावल: पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ग्रीष्मकालीन चावल के अंतर्गत लगभग 34.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया। जबकि पिछले सीजन में यह  25.29 लाख हेक्टेयर था।

दलहन : दलहनों का क्षेत्रफल करीब 10.35 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 5.92 लाख हेक्टेयर था।

मोटे अनाज: मोटे अनाज की बुवाई पिछले साल के 6.20 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 9.57 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है।

तिलहन:  तिलहनों की बुवाई पिछले वर्ष जहां 7.09 लाख हेक्टेयर में हुई थी वहां इस साल 9.17 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है।

मध्य प्रदेश  में 79 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्राप्त आकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक प्रदेश के 11 लाख 88 हजार 47 किसानों से 79 लाख 03 हजार 586 मीट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा सहकारिता मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया उपार्जित गेंहूं के विरूद्ध किसानों को अब तक 8863 करोड़ 37 लाख 53 हजार 114 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। किसानों को सफल भुगतान के रूप में कुल राशि रूपये 7598 करोड़ 67 लाख 80 हजार 924 रूपये उनके खाते में ऑनलाइन पहुंचाए गए।

किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा जा है अनाज 
प्रमुख सचिव खाद्य श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि, गेंहूं उपार्जन के साथ प्रदेश में चना, मसूर और सरसों की भी किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा कि एसएमएस से भेजी गई सूचना के आधार पर 726 खरीदी केन्द्रों पर प्रदेश के 24 हजार 270 किसान अपना 29 हजार 604 मीट्रिक टन खाद्यान्न समर्थन मूल्य पर बेच चुके हैं।

पंजाब में 121.85 लाख मेट्रिक टन गेंहू खरीदा जा चुका है

लॉकडाउन का असर पंजाब में फसल खरीद पर पड़ता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। राज्य में 15 मई तक इस सीजन में अभी तक एमएसपी मूल्य पर 121.85 लाख मेट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। पंजाब ने 135 लाख मैट्रिक टन गेंहू खरीद का लक्ष्य रखा है। पिछले रबी में पंजाब से 129.12 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। चालू रबी में राज्य से गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से शुरू हुई थी।

हरियाणा में 65 लाख मैट्रिक टन गेंहू की खरीद

कोरोना संकट के बीच हरियाणा में सुचारू रूप से खरीद प्रकिया चल रही है। अभी तक 4,45,394 किसानों से 68.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 2,42,851 किसानों से कुल 6.76 लाख  मीट्रिक टन सरसों की खरीद की जा चुकी है। किसानों को गेहूं के लिए 3921 करोड़ व सरसों के लिए 1240 करोड़ रूपये का किया जा चुका है। राज्य में गेहूं की खरीद 1,895 केंद्रों पर हो रही है।

 

उत्तर प्रदेश में गेंहू खरीद की स्थिति 

उत्तर प्रदेश में भी  राज्य सरकार 15 अप्रैल से अपने राज्य के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने का कार्य कर रही है। प्रदेश में अब तक 5,685 क्रय केन्द्रों पर 2.70 लाख किसानों से कुल 14.79 लाख मी. टन गेहूं खरीद की गयी है। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानो को गेहू खरीद के लिए ऑनलाइन सुविधा प्रदान कर रही है, उत्तर प्रदेश के किसान  अपनी फसल को राज्य सरकार को बेचना चाहते हैं उनके लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल को लॉन्च किया है जिसका नाम है  खाद्य एवं रसद विभाग उत्तर प्रदेश ई-क्रय प्रणाली / ई-उपार्जन पोर्टल। इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से राज्य के किसान को अपना पंजीकरण करना होगा । पंजीकरण करने के बाद किसान अपनी रबी की फसल (गेहूं) को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी एजेंसियों को बेच सकते हैं।

291.35 LMT गेहूं और 43.62 LMT चावल की खरीद – राम विलास पासवान

कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर पैदा हुई कठिन परिस्थिति में भी देशभर में सरकारी खरीद एजेंसियों ने चालू रबी विपणन वर्ष सीजन 2020-21 के दौरान महज एक महीने में किसानों से  15 मई तक 291.35 LMT गेहूं और 43.62 LMT चावल की खरीद कर चुकी है। यह जानकारी ट्वीट करके  केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने दी।

उन्होंने ट्वीट के जरिए बताया, “रबी सीजन 2020-21 के लिए तय खरीद लक्ष्य के तहत किसानों से गेहूं और चावल की खरीद का काम जारी है। FCI ने 15 मई तक 291.35 LMT गेहूं और 43.62 LMT चावल की खरीद कर ली है। सभी खरीद केन्द्रों पर COVID19 संक्रमण से सुरक्षा का पूरा ध्यान भी रखा जा रहा है।

सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों को मिलाकर इस साल कुल 407 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) के रबी सीजन में उत्पादित गेहूं के लिए केंद्र सरकार ने 1925 रुपये प्रतिक्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया है। सरकारी एजेंसियां इसी दर पर किसानों से गेहूं खरीदती है।

केंद्र सरकार ने चालू रबी सीजन 2020-21 में देश के किसानों से सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर 407 लाख टन गेहूं की खरीद करने का लक्ष्य रखा है, जोकि पिछले साल के मुकाबले करीब 66 लाख टन अधिक है।

पंजाब ने इस साल 135 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा है। वहीं, हरियाणा में 95 लाख टन, मध्यप्रदेश में 100 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 55 लाख टन और राजस्थान में 17 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य रखा गया है।

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