आज से अनलॉक होगा देश, जानिए किसे मिली अनुमति और कहां जारी है प्रतिबंध?

नई दिल्ली। देश में फैल रहे कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के पांचवें चरण की शुरुआत आज से हो रही है, जिसे अनलॉक-1 का नाम दिया गया है। इसके तहत देश में कई तरह की छूट और प्रवाधान किए गए है। शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 30 जून तक अनलॉक-1 के लिए जारी दिशानिर्देश में गतिविधियों को आगे बढ़ाने की चाबी राज्यों के हाथ में दी थी। राज्यों ने स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से अगले 30 दिनों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) जारी करते हुए इस दिशा में कदम भी बढ़ा दिया है।

कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों ने गृह मंत्रालय के दिशा- निर्देश के अनुरूप दूसरे राज्यों में आने-जाने पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। वहीं महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों ने अभी अंतरराज्यीय आवाजाही पर रोक बरकरार रखने का फैसला किया है। छूट वाले राज्यों में बिना पास के लोग कहीं भी आना-जाना कर सकेंगे।

कंटेनमेंट जोन छोड़कर बाकी पूरे देश में कारोबार की अनुमति

गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश के मुताबिक अब लॉकडाउन के ज्यादातर प्रतिबंध केवल कोरोना संक्रमण के कंटेनमेंट जोन में ही सीमित कर दिए गए हैं। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक गतिविधियों के अतिरिक्त लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा। कंटेनमेंट जोन के आसपास के कुछ क्षेत्र यानी बफर जोन में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। इसके अलावा पूरे देश में लगभग सभी कारोबारी व अन्य गतिविधियों को मंजूरी दे दी गई है। पिछले हफ्ते से शुरू हो चुकी घरेलू हवाई सेवा और पहली जून से शुरू हो रही रेल सेवा को भी क्रमिक तरीके से विस्तार दिया जाएगा। आर्थिक गतिविधियों में तेजी की आस लगाए कारोबारी जगत को आठ जून से और राहत मिल जाएगी।

मॉल, होटल-रेस्टोरेंट और धर्मस्थल खोलने की अनुमति

केंद्र ने पहले चरण में आठ जून से मॉल, होटल-रेस्टोरेंट और धर्मस्थलों को खोलने की भी अनुमति दे दी है। दूसरे चरण में स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का फैसला होगा। राज्यों एवं अभिभावकों से विमर्श के बाद जुलाई में इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। जिम, बार, सिनेमा हॉल, मेट्रो पर तीसरे चरण में यानी सबसे आखिर में फैसला लिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने पर भी अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

राज्यों का सतर्क रुख

केंद्र के दिशा- निर्देशों के अनुरूप राज्यों ने स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से सतर्कता से कदम बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरराज्यीय परिवहन पर लगा प्रतिबंध हटाया है, लेकिन दिल्ली में बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए नोएडा व गाजियाबाद जिला प्रशासन को सीमा खोलने पर फैसले का अधिकार दिया है। ओडिशा ने भी अंतरराज्यीय बस शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। इसके लिए संबंधित राज्यों को पत्र भेजा गया है।

दिल्ली भी अंतरराज्यीय आवाजाही के पक्ष में है। सबसे ज्यादा संक्रमण के मामलों वाले राज्य महाराष्ट्र ने प्रवासी मजदूरों के अतिरिक्त विशेष अनुमति से ही ट्रेन या हवाई जहाज से जाने की अनुमति देने की बात कही है। तमिलनाडु ने एक से दूसरे जोन या दूसरे राज्य में जाने के लिए पास अनिवार्य किया है। बंगाल, गुजरात और कई अन्य राज्यों ने अभी कोई फैसला नहीं किया है।

रेल सेवा पर तीन राज्यों का पेच

सोमवार से शुरू हो रही 100 जोड़ी यात्री ट्रेनों के संचालन की राह में झारखंड, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र ने पेच फंसा दिया है। इन राज्यों ने ट्रेनों के परिचालन और स्टॉपेज को लेकर सवाल उठाया है। झारखंड ने अपने यहां आने वाली चार ट्रेनें रद करने और 20 के स्टॉपेज कम करने की मांग की है। आंध्र प्रदेश ने केवल 22 ट्रेनों को कम स्टॉपेज के साथ अनुमति देने की बात कही है। आंध्र में 71 स्टॉपेज की योजना है, जबकि राज्य केवल 18 स्टॉपेज चाहता है। महाराष्ट्र ने लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाते हुए रेल एवं हवाई सेवा प्रतिबंधित रखने की बात कही है।

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