रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गारंटी के मिलेगा 10 हजार रु तक का लोन, पीएम स्‍वनिधि योजना को मिली मंजूरी

नई दिल्ली। सरकार ने रेहड़ी-पटरी और छोटी-मोटी दुकान चलाने वालों के लिए ‘पीएम स्वनिधि’ योजना (PM Swanidhi Yojna)  की योजना का एलान किया है। इसके तहत शुरुआती कार्यगत पूंजी के लिए 10,000 रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस स्‍कीम के लिए सरकार ने 5000 करोड़ रुपए की राशि रखी है। यह लोन लेने के लिए किसी भी तरह की जमानत (गारंटी) नहीं देनी होगी। योजना का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों को लाॅकडाउन के दौरान प्रभावित हुई आजीविका को फिर से शुरू करने में सक्षम बनाना है।

इस योजना से लगभग  50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ होगा। इससे ये लोग कोरोना संकट के समय अपने कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देंगे। इस विशेष क्रेडिट स्कीम के तहत 24 मार्च, 2020 तक या उससे पहले वेंडिंग करने वाले 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स कर्ज ले सकते हैं।

किसे मिलेगा लाभ ?
सरकार की इस योजना का लाभ सड़क किनारे, ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों को मिलेगा। फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकानें भी इस श्रेणी में शामिल की गई हैं। यह कर्ज बेहद आसान शर्तों पर दिया जाएगा। लोन लेने के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होगी।

50 लाख लोगों को होगा फायदा
सरकार स्‍ट्रीट वेंडरों की मदद की खातिर इस स्‍कीम के लिए 5000 करोड़ रुपए की सीमा तक की गई है। इस स्‍कीम से 50 लाख स्‍ट्रीट वेंडरों को फायदा पहुंचने की उम्‍मीद है। इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 7 फीसद का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके अकाउंट में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जाएगा।

कितना मिलेगा कर्ज

इस स्कीम के तहत हर स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपये तक लोन ले सकता है। इस राशि को रेहड़ी-पटरी वाले 1 साल के भीतर किस्त में लौटा सकते हैं।

योजना की मुख्य बातें

  • कर्ज समय पर या उससे पहले चुकाने पर 7 फीसदी की ब्याज सब्सिडी।
  • लोन प्राप्त करने के लिए किसी तरह के गारंटी की जरूरत नहीं होगी।
  • मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल आधारित आवेदन प्रक्रिया।
  • पहले लोन के समय पर और जल्द भुगतान की स्थिति में अधिक लोन की एलिजिबलिटी।
  • डिजिटल लेनदेन की रसीद या भुगतान पर मासिक कैशबैक की सुविधा।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी  के कारण रेहड़ी – पटरी वालों पर सबसे ज्‍यादा असर पड़ा है। देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने देश में लाॅकडाउन लागू किया था। जो अभी भी कंटेंनेमेंट जोन में लागू है। लाॅकडाउन के कारण रेहड़ी – पटरी वालों की आजीविका पूरी तरह से बंद हो गई है, जिसको उभारने के लिए सरकार ने पहली बार  रेहड़ी-पटरी वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों के लिए लोन की व्यवस्था की है।

 

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