चीन को झटका, हांगकांग के 30 लाख लोगों को नागरिकता दे सकता है ब्रिटेन

नई दिल्ली। हांग कांग पर नियंत्रण हासिल करने के लिए नेशनल सिक्योरिटी लॉ लागू करने के प्रस्ताव के बाद से ही चीन का पूरजोर विरोध हो रहा है। अब बिटेन ने चीन को बड़ा झटका देते हुए ऐलान किया है कि वह हांग कांग के करीब 30 लाख लोगों को अपने देश आने की पेशकश करेगा।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को कहा कि, अगर चीन ने विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को वापस नहीं लिया तो हांगकांग के 30 लाख लोगों को ब्रिटेन की नागरिकता देने के लिए देश की वीजा प्रणाली में बदलाव करेगा।

द टाइम्स’ में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने लिखा कि अगर चीन नये कानून को पारित करता है तो इससे हांग कांग की ऑटोनॉमी छीन जाएगी। अगर चीन ऐसा करता है तो ब्रिटेन के साथ उसका करार भी टूट जाएगा।

हांगकांग के करीब साढ़े तीन लाख लोगों के पास ब्रिटिश राष्ट्रीय (समुद्रपारीय) पासपोर्ट है और 25 लाख लोग उसके लिए आवेदन करने योग्य हैं। वर्तमान में बीएनओ पासपोर्ट धारक छह महीने तक बिना वीजा के ब्रिटेन की यात्रा कर सकते हैं। जॉन्सन ने कहा है कि ‘वीजा सिस्टम के इतिहास में यह सबसे बड़े बदलावों में से एक होगा।

जॉनसन ने लिखा, ‘‘अगर चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया तो ब्रिटेन की सरकार आव्रजन नियमों को बदल देगी और ऐसे पासपोर्ट धारकों को हांगकांग से 12 महीने के लिए ब्रिटेन आने की अनुमति देगी और आव्रजन अधिकार देगी जिसमें काम करने का अधिकार शामिल होगा। बता दें कि हॉन्ग कॉन्ग चीन को सौंपे जाने से पहले एक ब्रिटिश कॉलोनी था।

28 मई को चीन की संसद ने हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। इस कानून के लागू होने के बाद चीन की सुरक्षा एजेंसियों को हांगकांग में तमाम कार्रवाई करने की इजाजत मिल जाएगी।

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